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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयास से धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल लाईन की मिली सौगात – सुनील गुप्ता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयास से धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल लाईन की मिली सौगात – सुनील गुप्ता

रेल नेटवर्क- जशपुर में होंगे 13 स्टेशन, मेन स्टॉपेज 4 ब्लॉक में

जशपुर 14 जून 2026

जिले के विकास इतिहास में नया महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। – भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने – धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा के बीच नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किया है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार 291.881 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन छत्तीसगढ़ और झारखंड के कई क्षेत्रों को जोड़ते – हुए पहली बार जशपुर जिले को – रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।जशपुर जिले को रेल की सौगात मिलने पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और सरगुजा के सहप्रभारी सुनील गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।सुनील गुप्ता का कहना है की धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल लाइन का राजपत्रित होना जशपुर अंचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना को लेकर लगातार गंभीर प्रयास किए और केंद्र सरकार के समक्ष क्षेत्र की जरूरतों को मजबूती से रखा। आज उसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है और जशपुर जिले को रेल की सौगात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी है।

रेल अधिनियम-1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय आधारभूत संरचना विकास को ध्यान में रखते हुए यह अधिसूचना जारी की गई है। इस दौरान राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही परियोजना प्रभावशील हो गई है, जिससे आगे की प्रशासनिक और भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस रेल प्रोजेक्ट के सीनियर सेक्शन इंजीनियर एल अग्रवाल ने बताया कि इस रूट में 27 छोटे-बड़े स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रस्तावित रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होकर पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, जशपुर, गुमला होते हुए लोहरदगा तक जाएगी। परियोजना के तहत जशपुर जिले में बालाछापर गांव के पास रेलवे स्टेशन प्रस्तावित है। इसके साथ ही बता दें कुनकुरी क्षेत्र में गिनाबहार के पास रेलवे स्टेशन विकसित किया जाएगा तकि आसपास के ग्रामीणों को सहूलियत मिल सके।

10 लाख आबादी को मिलेगा सीधा लाभ

अब तक रेल संपर्क से वंचित जिले के लोगों को इस परियोजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से सड़क परिवहन पर निर्भर जिले की लगभग 10 लाख की आबादी को सुलभ, सुरक्षित और किफायती यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा युवाओं, व्यापारियों और आम यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। जशपुर जिला जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियों और बागवानी उत्पादों के लिए जाना जाता है।

क्षेत्र मे रेल कनेक्टिविटी से बढ़ेंगे रोजगार और पर्यटन के अवसर

प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध जशपुर में रेल पहुंचने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के द्वार खुल सकते हैं। रेल सुविधा शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। वहीं गंभीर मरीजों को रायपुर, रांची और अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों तक पहुंचने में कम समय लगेगा। इससे जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।दशकों से लंबित मांग को पूरा कर केंद्र सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान किया है। देशभर में रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से हो रहा है। यह रेल लाइन आदिवासी अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्णभूमिका निभाएगी।

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