
जिला कारागार जशपुर में सात दिवसीय ज्ञान योग शिविर का शुभारंभ
जशपुर 09 अगस्त 2026
बालाछापर स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा जिला कारागार जशपुर में निरुद्ध बंदियों के नैतिक, आध्यात्मिक एवं मानसिक उत्थान के उद्देश्य से सात दिवसीय ज्ञान योग एवं राजयोग ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में कारावासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग ध्यान का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र बालाछापर की संचालिका बीके सरिता बहन एवं बीके संध्या बहन सहित संस्थान की बहनों की सक्रिय एवं संपूर्ण सहभागिता रही। अपने संबोधन में बीके सरिता बहन ने कहा कि राजयोग ध्यान मनुष्य को आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच एवं आत्मबल प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति मूल रूप से शांति, प्रेम और आनंद स्वरूप आत्मा है। जब व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर परमात्मा से योग जोड़ता है तो उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं। उन्होंने उपस्थित बंदियों को जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने, आत्मचिंतन करने तथा नशामुक्त एवं संस्कारयुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला कारागार अधीक्षक श्री एस. एल. ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने संबोधन में उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा संचालित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं बल्कि व्यक्तित्व सुधार एवं पुनर्वास का केंद्र भी है। ऐसे आध्यात्मिक एवं नैतिकता आधारित कार्यक्रम बंदियों के मानसिक तनाव को कम करने तथा उनमें सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी बंदियों से शिविर का पूर्ण लाभ लेने का आह्वान किया।
शिविर के दौरान राजयोग ध्यान का अभ्यास, नैतिक मूल्यों पर आधारित प्रेरणादायी सत्र तथा आत्मिक जागरूकता से संबंधित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में कारावासी उपस्थित रहे तथा उन्होंने ज्ञान योग एवं राजयोग ध्यान के माध्यम से आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम के अंत में कारागार प्रशासन एवं ब्रह्माकुमारीज संस्थान के बीच समाज में नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार हेतु ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। मौके पर बी के जामवंती और बी के राम भाई भी उपस्थित रहे।



