
- 28 मार्च 2026 जशपुर – जशपुर जिले में टीबी मरीजों के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है।टीबी मरीजों को सरकार की तरफ से हर महीने पोषण आहार के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह 6 महीने तक लगातार दिए जाते हैं ताकि टीबी मरीज हर महीने इन पैसों से पोषण आहार लें सकें लेकिन जशपुर टीबी विभाग में पदस्थ अधिकारियों ने इस राशि को मरीजों को ना देकर अपने रिश्तेदारों में रेवड़ी की तरह बांट दिया। THE TRIBLE TIMES को कुछ ऐसे अहम दस्तावेज मिले हैं जिनमे साफ देखा जा सकता है कि टीबी मरीजों को मिलने वाली पोषण आहार की राशि विभागीय अधिकारियों द्वारा उनके ही रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई।जशपुर के मरीजों के नाम पर फर्जी तरीके से दिल्ली, रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और जांजगीर जैसे शहरों में रहने वाले लोगों के खातों में 6 -6 हजार की राशि ट्रांसफर कर लाखों रुपये रिश्तेदारों परिचितों में बांट दिये गये। जबकि वास्तविक टीबी मरीज इस लाभ से वंचित रह गए।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खेल
आरोप है कि जशपुर के टीबी विभाग में बिलासपुर जिले के मस्तूरी के एक अधिकारी कार्यरत हैं और इन्ही के द्वारा जशपुर जिले में काल्पनिक मरीज बनाकर फर्जीवाड़े के इस बड़े खेल को लंबे समय से खेला जा रहा है।2025 में 3 दर्जन से अधिक फर्जी टीबी मरीज बनाकर पोषण आहार की राशि का बन्दरबांट किया गया है जिनमें मरीज का पता जशपुर बताया गया है लेकिन इनके बैंक खाते दूसरे जिलों में है।फर्जी टीबी मरीज बनाकर बिलासपुर के मस्तूरी में लगभग 8 से ज्यादा अलग अलग खातों में पोषण आहार के पैसे ट्रांसफर किये गए हैं।
मरीजों के नाम और और फोन नम्बर भी फर्जी
जिन मरीजों के नाम पर यह फर्जीवाड़ा है उन लोगों से बात करने के लिए हमने जब सरकारी दस्तावेजों में अंकित किये गए फोन नम्बर पर संपर्क करना चाहा तो किसी भी फोन नम्बर पर बात नहीं हो पाई,ये सारे नम्बर फर्जी है।इस सूची की अगर बात की जाये तो सुमनलता कुर्रे, रिगेश कुमार निर्मलकर, मंगलीन निर्मलकर,राकेश कुमार अजगले, महादेव रात्रे, शंकर कुर्रे,महेश कुमार सुमन,राघव बसंत, सुनीता देवी जोगी,योगिता जोगी, राज खूंटे,महेंद्र जोगी,रितिक टंडन, हीरा राम सूर्यवंशी,जतिन डहरिया, शकुन बाई डहरिया, सहोद्रा बाई टंडन,नम्रता डहरिया, निकिता रात्रे,सुखबाई खंडेल समेत तीन दर्जन से अधिक ऐसे नाम है जिन्हें निवासी तो जशपुर जिले का दिखाया गया है लेकिन उनके बैंक खाते प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में हैं।
जिस टीबी मरीज की हो गई मौत उसके भी पैसे हुए मस्तूरी ट्रांसफर
इस सूची में पहला नाम प्रमिला खलखो का है जिसे सूची में कांसाबेल के अम्बाटोली का निवासी बताया गया है और इस मरीज की पोषण आहार की राशि 6 हजार रुपये मस्तूरी के नैमिश निरनेजाक के नाम पर ट्रांसफर की गई है इस महिला के रिश्तेदारों से जब हमने संपर्क किया तो उन्होंने बताया की वो गुमला जिले के रायडीह प्रखंड के केमटेनवाटोली के रहने वाले हैं। महिला के रिश्तेदार नीरज टोप्पो ने बताया की उसकी नानी प्रमिला खलखो (57 वर्ष)को जनवरी 2025 में ईलाज के लिए जशपुर लेकर आये थे उनका चेकअप कराकर वो वापिस अपने गांव चले गए, और फिर कभी जशपुर अस्पताल नहीं आये।महिला प्रमिला खलखो की मौत दिसम्बर (2025 )में हो गई इस महिला के नाम पर भी फर्जी खाते में मई 2025 में 6 हजार रुपये ट्रांसफर किये गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन लोगों पर पहले भी टीबी विभाग में फर्जीवाड़े के मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, वही लोग अब भी विभाग का संचालन कर रहे हैं, जिससे विभाग में कार्यरत लोगों के हौसले बुलंद है और विभाग में टीबी मरीजों के नाम पर बड़ा खेल खेला जा रहा है।मामले के सामने आने के बाद सीएमएचओ जी एस जात्रा ने जांच के लिए कमेटी गठित करने की बात कही है। वहीं क्षेत्र के लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।अब देखना होगा कि जांच के बाद इस बड़े घोटाले में किन-किन लोगों की संलिप्तता सामने आती है और प्रशासन इस बड़े फर्जीवाड़े पर क्या कार्रवाई करता है।






